भारत के घर-घर में जाना माना नाम एकता कपूर – सीरियल देखने वाली गृहिणी – सिनेमा देखने वाले भाई साहब और वेब सीरीज देखने वाले नौजवान भाई-बहन, सबकी चहेती एकता कपूर। भारत के टॉप 25 एंटरप्रेन्योर महिलाओं में से एक और साल 2020 की पद्मश्री अवार्ड विजेताओं में से एक – एकता कपूर।

7 जून 1975 को अभिनेता मां-पिता जितेंद्र एवं शोभा कपूर के घर जन्म लेने वाली एकता ने अपनी पढ़ाई मुंबई में पूरी की। इन्होंने मात्र 15 वर्ष की उम्र से ऐड एंड फीचर फिल्म मेकर कैलाश सुरेंद्रनाथ के साथ इंटर्नशिप शुरू कर दिया, जब तक कि पिता ने वित्तीय रूप से सहायता देना शुरू नहीं किया। इस समय 1994 में इन्होंने ‘बालाजी टेलीफिल्म्स’ की स्थापना की तथा भारतीय टेलीविजन को कई ऐसे सीरियल दीजिए जिसने तत्कालीन सीरियल जगत की दिशा एवं दशा ही बदल दी।

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘कसम से’, ‘कहानी घर घर की’, ‘कहीं तो होगा’, ‘ये है मोहब्बतें’, जोधा-अकबर’, ‘बड़े अच्छे लगते हैं’, ‘कसौटी जिंदगी की’, ‘कहानी घर घर की’, ‘कुमकुम भाग्य’, ‘कुंडली भाग्य’, ‘नागिन’, ‘ये है चाहतें’, ‘पवित्र रिश्ता’ आदि इनके प्रमुख सीरियल हैं जिन्होंने
सीरियल के मंच पर सभी को पछाड़ने के बाद 2001 में इन्होंने बालाजी टेलीफिल्म्स के सब्सिडियरी कंपनी के रूप में ‘बालाजी मोशन पिक्चर्स’ को लॉन्च कर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा।

इनकी पहली फिल्म गोविंदा को लेकर – ‘क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता’ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया। फिर ‘कुछ तो है’ और ‘कृष्णा कॉटेज’ भुतहा थीम पर बनाया गया। इसके बाद भाई तुषार कपूर को लेकर ‘क्या कूल हैं हम’ बनाया जो कि इतना अच्छा बिजनेस नहीं कर पाई। फिर ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ संजय गुप्ता के साथ में तथा ‘मिशन इस्तांबुल’ और ‘EMI – लिया है तो चुकाना पड़ेगा’ सुनील शेट्टी के साथ कोलैबोरेशन में बनाया।

पर सीरियल संसार की रानी – एकता सिनेमा पटल पर कुछ बहुत खास नहीं कर पाईं। 2010 से 2014 तक – ‘लव सेक्स और धोखा’, ‘वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई’ और ‘शोर इन द सिटी’ जैसी कई फिल्मों के बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के बाद एकता ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ को प्रोड्यूस करने के बारे में भी शुरू में विश्वस्त नहीं थीं।

ऐसे समय पर इन्होंने वेब सीरीज की दुनिया में ‘ALT डिजिटल मीडिया एंटरटेनमेंट’ के बैनर तले ‘ALT बालाजी’ के लिए कदम रखा। ‘मेंटलहुड’, ‘ब्रोकेन बट ब्यूटीफुल’, ‘बेकाबू पंचबीट’ और ‘अपहरण’ इनके प्रमुख वेब सीरीज हैं। इसके अलावा इनके करीब 20-25 और वेब सीरीज हैं…कुल 130 से ज्यादा सीरियल निर्माण करने वाली एकता कपूर ने 2012 में ‘इंस्टिच्यूट ऑफ क्रिएटिव एक्सीलेंस’ की स्थापना की। यह बालाजी टेलीफिल्म्स के अंतर्गत एक मीडिया ट्रेनिंग स्कूल है जिसमें इच्छुक लोगों के लिए ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने 27 जनवरी 2019 में सरोगेसी से 1 पुत्र प्राप्त किया और इसे अपने पिता के नाम पर रवि कपूर बुलाती हैं।
अपने अद्भुत प्रदर्शन से ‘Czarina of television’ यानी ‘भारतीय टेलीविजन की महारानी’ कहलाने वाली एकता अपने आप में अद्वितीय हैं। करीब 25 सालों से भारतीय घरों में प्राइम टाइम की रानी बनी इस स्टार-पुत्री को लोग आज इनके पिता के नाम से नहीं जानते। इसने अपनी स्वयं की ऐसी पहचान बनाई है, जहां आज की युवा पीढ़ी इनके पिता को एकता कपूर के पिता के नाम से जानते हैं…

आज इस मुकाम पर उन्होंने ढेरों अवार्ड और सम्मान प्राप्त किए हैं। 2001 में इन्हें एशिया के 50 सबसे ज्यादा शक्तिशाली कम्युनिकेटर्स की सूची में शामिल किया गया। इसके अलावा ये ‘कौनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज़'(CII) का नेतृत्व कर रही हैं और इन्होंने 2001 का ‘द सोसाइटी अचीवर अवार्ड’ और ‘द बेस्ट एंटरप्रेन्योर अवार्ड’ भी हासिल किया।

इन्होंने ‘इंडियन टेलिविजन अकैडमी अवॉर्ड्स’, ‘कलाकार अवॉर्ड्स’, ‘एशियन टेलिविजन अवॉर्ड्स’, ‘एशियाज़ सोशल एंपावरमेंट अवॉर्ड्स’, ‘पुणे इंटरनेशनल फिल्म अवॉर्ड्स’, ‘ग्लोबल इंडियन फिल्म एंड टीवी ऑनर्स’, ‘ईटीसी बॉलीवुड बिजनेस अवॉर्ड्स’, ‘फॉर्ब्स टाइकून ऑफ टुमारो’, ‘आउटलुक इंडिया स्पीक आउट अवॉर्ड्स’, ‘हिंदुस्तान टाइम्स बिजनेस अवॉर्ड्स’ तथा ‘जागरण सिनेमा समिट अवॉर्ड्स’ सहित करीब 25 अवॉर्ड्स अपने नाम किए हैं।

भारतीय मनोरंजन को नया आयाम देने में अभूतपूर्व योगदान के लिए महाराष्ट्र सरकार ने इन्हें साल 2020 के पद्मश्री पुरस्कार के लिए मनोनीत किया। यह पुरस्कार भारत का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है जो कला के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। हम सबकी चहेती- हमेशा मधुर मुस्कान की साथी एकता को बहुत-बहुत बधाई – और आने वाले भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं-