‘अर्जेंटम’ चांदी का लैटिन नाम है | अपने चांदी के खानों की वजह से अर्जेंटीना नाम पाने वाला यह देश दक्षिण अफ्रीका के दक्षिण में स्थित एक उल्टे त्रिकोण आकार का विशाल देश है। यह क्षेत्रफल के हिसाब से विश्व का आठवां और दक्षिणी अमेरिका का दूसरा बड़ा देश है। 1502 ई. में यूरोपियों का आगमन स्थल बना यह देश 1516 ई. में स्पेन, फिर पैराग्वे, पेरु और चिल्ली का भी आश्रय स्थल बना।

अपने सोने और चांदी की खदानों की वजह से एक लंबे अंतराल तक कई संघर्षों में उलझा अर्जेंटीना करीब 300 साल तक स्पेन का उपनिवेश बना रहा और 9 जुलाई 1816 ई. को अपने आप को स्वतंत्र घोषित कर दिया। इसी दिन आज भी यह अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। एक गणतांत्रिक- धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र जहां की राजधानी ब्यूनस आयर्स तथा आधिकारिक भाषा आज भी स्पेनिश ही है, विश्व के सुसमृद्ध राष्ट्रों में से एक है। दक्षिण अमेरिका में सबसे ज्यादा साक्षरता दर रखने वाले इस देश की कुल जनसंख्या में से 95% लोग मुख्यतः इटली, स्पेन तथा जर्मनी से आकर बस गए लोग हैं।

अगस्त 1920 ईस्वी में विश्व का सबसे पहला रेडियो ब्रॉडकास्ट करने वाले अर्जेन्टीना में पहली बार इस को रिसीव करने के लिए मात्र 20 लोगों के पास ही रेडियो रिसीविंग सेट था, यह आज भी सबसे ज्यादा रेडियो सुनने में समय देने वाला देश है।
इतना ही नहीं, विश्व की प्रथम एनिमेटेड फ़िल्म भी यही बनाई गई थी। विश्व की पहली पूरी कार्टून फिल्म 1917 ईस्वी में क्वारिनो क्रिस्टियानी के द्वारा रिलीज की गई थी यह भी कहा जाता है कि वाल्ट डिज्नी की प्रेरणा भी यही भूमि रही जब अपनी यात्रा के दौरान वे क्वारिनो क्रिस्टियानी के स्टूडियो घूमने गए थे। केवल एनिमेशन ही नहीं अर्जेंटीना के लोग सिनेमा के भी काफी शौकीन हैं। यहां के लोग विश्व के सबसे अधिक सिनेमा देखने वाले देशों में से एक हैं। यहाँ का फिल्म उद्योग स्पैनिश भाषा के अग्रणी फिल्म उद्योगों में से एक है।

अर्जेंटीना विश्व का पहला ऐसा देश है जहां सबसे पहली बार फिंगरप्रिंट को पहचान के लिए प्रयोग किया गया था। बात कुछ 1842 ई. की है, छोटे से अर्जेंटीनियन शहर निकोशिया में दो बच्चों की दिल दहला देने वाली हत्या की गई थी, जहां कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं था। पुलिस के हाथ खड़े कर देने पर एक स्थानीय जासूस ने दरवाजे के हैंडल पर बने अंगुलियों के निशान को पढ़कर बच्चों की मां को हत्या का जिम्मेदार बताया, जिसे उसने जल्दी ही स्वीकार भी कर लिया…

यह अपने घास के मैदानों ‘पंपास’ के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह पंपास के मैदान जो कई कवियों के रोमांटिक कथाओं, कविताओं और उपन्यासों के रचना का आधार बने हैं, इनकी खूबसूरती आज के नवीन अर्जेंटीना में एक नए रंग में देखी जा सकती है।

अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स जो पूर्वी पंपास में एक चक्र की भांति अपने नवीन संरचनाओं के साथ फैला हुआ है,आज दक्षिणी अमेरिका के प्रमुख कॉस्मापॉलिटन शहरों में से एक है और अपने स्थापत्य कला और जीवंत यात्रियों की वजह से बहुत इसकी तुलना पेरिस अथवा रोम से की जाती है। यहां के उद्योग विश्व भर से देशों को आकर्षित कर रहे हैं और ग्रेटर ब्यूनस आयर्स में करीब करीब एक तिहाई अर्जेंटीनियन लोगों को आवास प्रदान करते हैं।

यहां की एंडीज पर्वत श्रृंखला विश्व प्रसिद्ध है जिसमें दक्षिणी गोलार्ध का सबसे ऊंचा बिंदु 6962 मीटर के साथ ‘माउंट एकोंकागुआ’ है। इसके अलावा यहीं दक्षिणी गोलार्ध का सबसे निचला बिंदु – ‘लैगून डेल कार्बन’ करीब -105 मीटर की गहराई में है। यही नहीं दक्षिणी अमेरिका का उच्चतम एवं न्यूनतम तापमान भी यहीं रिकॉर्ड किया गया है।

‘पेरीटो मोरेनो ग्लेशियर’ विश्व का तीसरा मीठे पानी का सबसे बड़ा स्रोत है। इसके अलावा यह इकलौता ऐसा ग्लेशियर है जो सिकुड़ने की बजाए आज भी फैल रहा है…
यहां के विशाल गुनिया पिग विश्वप्रसिद्ध हैं इसके अलावा आपको यहां एक ऐसा लॉन्ग ड्राइव मिल सकता है जो विश्व के बेहतरीन ड्राइव्स में से एक है। यह यहां के नैसर्गिक छटा और नवीन संरचना की ही देन है।

फुटबॉल यहां का पसंदीदा खेल है, और इस देश में 1978 एवं 1986 में दो बार फुटबॉल विश्व कप भी जीता है। इस देश ने विश्व को कुछ प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी भी दिए हैं जैसे लियोनेल मेसी तथा डिएगो माराडोना। फुटबॉल के यहां के एक पसंदीदा खेल होने के बावजूद यहां का राष्ट्रीय खेल है पैटो। यह निस्संदेह यहां का सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला खेल है। पैटो जिसका अर्थ होता है – ‘बत्तख’,यह घोड़े की पीठ पर बैठकर खेला जाता है। यह पोलो और बाॅस्केटबॉल का मिलाजुला रूप है। पुराने जमाने में एक बत्तख को जाल में डालकर उसे लेकर अपने अपने नियत स्थान पर पहुंचना होता था। पर इसकी हिंसक प्रवृति की वजह से इसे बैन कर दिया गया। आजकल एक बॉल को जाल में जिसमें छह हैंडल होते हैं उस में डाल, दो टीम के खिलाड़ी ऊपर बने गोल पोस्ट में डालकर गोल बनाते हैं। सबसे ज्यादा गोल बनाने वाला विजेता होता है।

अर्जेंटीनियन औरतें कुछ ज्यादा ही खूबसूरती पसंद होती हैं। यहां विश्व भर में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति प्लास्टिक सर्जरी दर है जहां करीब 30% महिलाएं प्लास्टिक सर्जरी करवाती हैं!

जुलाई 2010 में अर्जेंटीना समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाला लैटिन अमेरिका का सबसे पहला और विश्व का दसवां देश बना।

अर्जेंटीना विश्व का पांचवा सबसे बड़ा गेहूं का निर्यातक देश है एवं सबसे ज्यादा लाल मांस का सेवन करने वाला देश है

यहां करीब 30 राष्ट्रीय पार्क हैं, विश्व के 10% वन प्रजाति का गृह-स्थल है, लोग एक दूसरे का चुंबन के साथ स्वागत करते हैं और गर्भपात कानूनी रूप से आज भी वर्जित है। ऐसा अलबेला अनोखा देश जो प्रकृति की अपार सौंदर्य के साथ-साथ यूरोपियन विकास, स्वच्छंदता एवं नवनिर्माण की नई कहानी कहता पूरे विश्व को कभी अपने खेल, कभी कला, तो कभी विज्ञान के क्षेत्र में हमेशा नवीन राह दिखाने को खड़ा… अर्जेन्टीना…